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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

सोमवार, 9 फ़रवरी 2015

३५वां युवा रचनाकार दिवस व सम्मान समारोह...डा श्याम गुप्त ...

                                       ....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...



               युवा रचनाकार मंच , लखनऊ का ३५वां युवा रचनाकार दिवस व सम्मान समारोह १-२-१५ को उ.प्र. प्रेस क्लब में आयोजित किया गया | डा गंगारत्न पांडे मुख्य अतिथि एवं दतिया मध्य प्रदेश के कवि रामस्वरूप स्वरुप विशिष्ठ अतिथि एवं डा डा परमानन्द जडिया ने समारोह की अध्यक्षता में साहित्यकारों को सम्मानित किया गया |  युवा कवि राणा भूपेन्द्र, प्रोफ हरीशंकर मिश्र, डा श्याम गुप्त, डा एके श्रीवास्तव, डा अमिता दुबे, प्रोफ नेत्रपाल सिंह, डा शिवेंद्र सिंह ( भिंड म.प्र.), श्री मधुकर अस्थाना, एवं सम्पादक अनिल मिश्र को सम्मानित किया गया |
              इस अवसर पर मंच एवं सम्मानित साहित्यकारों द्वारा आज की सामाजिक सरोकारों एवं जन आचरण से असंबद्ध कविता एवं हिन्दी भाषा के बिखरे हुए असाहित्यिक रूप पर चिंता व्यक्त की गयी  |

डा श्यामगुप्त  का सम्मान

मंच संचालन श्री आवारा नवीन

सम्मानित साहित्यकार

डा श्याम गुप्त- वक्तव्य एवं काव्य पाठ

प्रोफ हरीशंकर मिश्र का वक्तव्य

अध्यक्षीय भाषण

उपस्थित साहित्यकार गण


गुरुवासरीय साहित्यिक गोष्ठी .....

                                        ....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...
मधुकर अस्थाना का संचालन


डा श्याम गुप्त व गज़लकार  प्रेम शंकर

डा के एन सक्सेना का काव्यपाठ

श्याम नारायण श्याम जी का काव्यपाठ




                            मासिक गुरुवासरीय साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन गुरूवार को .डा के.एन सक्सेना के  तत्वावधान में उनके आवास आदर्श चिकित्सालय , आशियाना, लखनऊ में किया गया | अध्यक्ष कवयित्री  डा आशा मिश्रा एवं मुख्य अतिथि श्री श्याम नारायण श्याम थे | संचालन नव गीतकार श्री मधुकर अष्ठाना ने किया |